11 नवम्बर : प्रतिज्ञा और आशीष

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11 नवम्बर : प्रतिज्ञा और आशीष
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“मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊँगा, और तुझे आशीष दूँगा, और तेरा नाम महान करूँगा, और तू आशीष का मूल होगा। जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूँगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूँगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएँगे।” उत्पत्ति 12:1-3

जब भोजन तैयार किया जा रहा होता है, तो बच्चों का इधर-उधर दौड़ना स्वाभाविक है। कभी-कभी माता-पिता को लगता है कि वे चिल्ला उठें, “सुनो, तुम लोग रसोई में बाहर क्यों नहीं जाते? चलो, बाहर जाओ!”

बेबीलोन की मीनार पर लोग सिर्फ इधर-उधर भाग नहीं रहे थे; उन्होंने परमेश्वर से मुँह मोड़ लिया था। अपना स्वयं का राज्य स्थापित करने के इरादे से उन्होंने एक मीनार बनाई और स्वर्ग तक पहुँचने का प्रयास किया, ताकि वे देख सकें कि वे अपनी शक्ति से क्या कर सकते हैं। इस विद्रोह के परिणामस्वरूप, परमेश्वर ने उनकी भाषा बदलकर उन्हें संसार भर में बिखेर दिया (उत्पत्ति 11:1-9)।

एक निराश माता-पिता से कहीं अधिक न्यायसंगत होने के बावजूद, परमेश्वर लोगों को दूर भेज सकता था और उनका अन्त कर सकता था। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

अपनी कृपा को प्रकट करने के लिए अगली ही पीढ़ी में परमेश्वर ने उसे सुधारना आरम्भ किया, जो टूट चुका था। उसने अब्राम नामक एक वृद्ध और निस्सन्तान मूर्तिपूजक व्यक्ति से बात की, जिसका नाम विडम्बनात्मक रूप से “उत्कृष्ट पिता” था, और उसने बेबीलोन के न्याय के प्रभाव को उलट देने की प्रतिज्ञा की। वहाँ लोग अपना नाम महान बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन परमेश्वर अब्राम का नाम महान बनाने जा रहा था। वे अपना स्वयं का राज्य स्थापित करना चाहते थे, लेकिन परमेश्वर अब्राम के लोगों को एक महान राष्ट्र बनाने जा रहा था। वे परमेश्वर से रहित संसार में आशीष खोजने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन परमेश्वर अब्राम के परिवार के माध्यम से पूरी पृथ्वी पर आशीष लाने जा रहा था। परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा पाप को उलट दिया जाएगा और उसके प्रभाव को मिटा दिया जाएगा।

इस वाचा में परमेश्वर ने अब्राम को लेकर उसे अब्राहम अर्थात “अनेकों का पिता” बनाया, जब उसने अपने चुने हुए सेवक पर अपनी कृपा करने और पृथ्वी पर बिखरी भविष्य की पीढ़ियों को आशीष देने की प्रतिज्ञा की।

परमेश्वर द्वारा अब्राहम से की गई प्रतिज्ञा सुसमाचार की प्रतिज्ञा की एक प्रारम्भिक अभिव्यक्ति है। उसने अब्राहम से प्रतिज्ञा की और आगे चलकर अब्राहम के वंशजों को आशीष मिली। हालाँकि, वे अन्ततः यह जानेंगे कि प्रतिज्ञा और आशीष उन सभी के लिए भी है, जो यीशु पर विश्वास करते हैं: “क्योंकि तुम सब उस विश्वास के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो . . . और यदि तुम मसीह के हो तो अब्राहम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो” (गलातियों 3:26, 29)। इसलिए जबकि परमेश्वर ने जो प्रतिज्ञाएँ अब्राहम से की थीं, वे पुराने नियम के इस्राएल राष्ट्र में आंशिक रूप से पूरी हुई थीं, तौभी वे अन्ततः यीशु मसीह के सुसमाचार और उसके लोगों में सम्पूर्ण रूप से पूरी हुईं।

इस पूर्णता की विशालता का केवल एक छोटा सा आभास पाकर आपका जीवन हमेशा के लिए बदल जाएगा। यदि आप आज मसीह में हैं, तो परमेश्वर द्वारा अब्राहम से की गई प्रतिज्ञा में आपका नाम भी शामिल है। आप स्वर्ग के नागरिक हैं और एक ऐसे राजा की सेवा करते हैं जो अब्राहम के वंश से उत्पन्न हुआ है, जिसका नाम यीशु है। जो कुछ परमेश्वर ने अब्राम से कहा था, वह अब आपके लिए भी पूरा हुआ है क्योंकि परमेश्वर लोगों को अपने राज्य में वापस बुला रहा है, ताकि वे हमेशा के लिए उनकी साक्षात उपस्थिति का आनन्द उठाएँ। आज आप चाहे जो भी हैं, विश्वास के द्वारा आप परमेश्वर की सन्तान हैं, अब्राहम के लोगों के सदस्य हैं, और इन महान प्रतिज्ञाओं के उत्तराधिकारी हैं।

उत्पत्ति 11:1-9; 12:1-9

◊ पूरे वर्ष में सम्पूर्ण बाइबल पढ़ने के लिए: 1 इतिहास 1–3; यहूदा

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