9 जून : टुकड़ों को एकसाथ जोड़ना

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9 जून : टुकड़ों को एकसाथ जोड़ना
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“तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिए मेरे पास आना नहीं चाहते।” यूहन्ना 5:39-40

एक क्रिसमस, हमारे परिवार ने तय किया कि हम सारा परिवार मिलकर एक जिगसॉ पहेली को सुलझाएँगे। हमने सबसे बड़ी जिगसॉ पहेली खरीदी और उसके सारे टुकड़ों को खोल कर मेज पर रख दिया। दुर्भाग्यवश हमारा जोश बहुत जल्दी खत्म हो गया। हम बारी-बारी उस मेज पर जाते, कुछ टुकड़े उठाते, उन्हें जोड़ने की कोशिश करते, लेकिन जब असफल हो जाते, तो हार मानकर चले जाते।

यह पूरी तरह से सम्भव है कि आप और मैं बाइबल का अध्ययन उसी तरह करें जैसे हम जिगसॉ पहेली के टुकड़े उठाते हैं, उन्हें जोड़ने में असफल होते हैं और उस अद्‌भुत चित्र को कभी नहीं देख पाते जो हमारे सामने है। दूसरे शब्दों में, जैसा कि इब्रानियों की पुस्तक में कहा गया है, हमने परमेश्वर के वचन का अध्ययन तो किया, लेकिन इससे हमें “कुछ लाभ न हुआ” क्योंकि यह हमारे “मन में विश्‍वास के साथ नहीं बैठा” (इब्रानियों 4:2)। हम बाइबल का अध्ययन करने में सतर्क और बाइबल के वचनों को कण्ठस्थ करने में अनुशासित हो सकते हैं, और फिर भी हमेशा उस मसीह को सचमुच स्वीकार करने से इनकार कर सकते हैं, जिसके बारे में हम पढ़ रहे हैं। ऐसे लोगों को यीशु चुनौतीपूर्ण शब्दों में कहता है: “तुम उसके [परमेश्वर के] वचन को मन में स्थिर नहीं रखते, क्योंकि जिसे उसने भेजा तुम उसका विश्‍वास नहीं करते।” (यूहन्ना 5:38)।

यह सोचना चिन्ताजनक है कि लोग स्वयं को परमेश्वर के वचन पर विचार करने के लिए अनुशासित करने के बावजूद भी यीशु के पास आने से इनकार कर सकते हैं, जो जीवनदाता और पालनहार है। स्वभाव से ही, परमेश्वर की आवाज़ को न सुनने के लिए हमने अपने कानों में अंगुलियाँ डाली हुई हैं। स्वभाव से ही, पवित्रशास्त्र हमें बताता है, “कोई परमेश्‍वर का खोजने वाला नहीं” (रोमियों 3:11)।

जैसा कि एक लेखक लिखता है, “पवित्रशास्त्र में अपने आप में जीवन नहीं है . . . यदि हम इसके द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करते हैं, तो यह हमें उस तक पहुँचाता है और इस प्रकार हम जीवन पाते हैं, पवित्रशास्त्र में नहीं, बल्कि इसके द्वारा उसमें।”[1] पवित्रशास्त्र में परमेश्वर का वचन और परमेश्वर का देहधारी वचन एक दूसरे में बुने हुए हैं और परमेश्वर का आत्मा परमेश्वर के वचन को लोगों तक लाकर उन्हें मसीह से मिलाने और उसे पाने का काम करता है।

क्या आप बाइबल के हिस्सों को आपस में जोड़े बिना अपने मन में लिए घूम रहे हैं और फिर खड़े होकर सोच रहे हैं कि यीशु की छवि, जिसमें उसकी बाँहें खुली हुई हैं, उन्हें बचाने के लिए तैयार है जो विश्वास से उसके पास आते हैं और अपने पापों से मन फिराते हैं? क्या आप परमेश्वर के वचन के ज्ञान को सच्चे विश्वास के साथ जोड़ेंगे, ताकि आप इस खतरे से बचे रहें कि आप वचन के बारे में बहुत सारा ज्ञान तो प्राप्त कर लें, लेकिन देहधारी वचन को जाने ही न? क्या आप हर दिन परमेश्वर के वचन के पास इस उम्मीद के साथ आएँगे कि आप यीशु से मिलेंगे, जैसे उसका आत्मा उसके वचन के माध्यम से कार्य करता है? आइए हम शमूएल भविष्यद्वक्ता की तरह परमेश्वर के वचन को खोलते समय यह कहें: “कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है” (1 शमूएल 3:10)।

2 तीमुथियुस 3:1-17

पूरे वर्ष में सम्पूर्ण बाइबल पढ़ने के लिए: यिर्मयाह 12–14; मत्ती 22:23-46 ◊


[1] जी. कैम्पबैल मोर्गन, द गॉस्पल अकोर्डिंग टू जॉन (मार्शल, मोर्गन, ऐण्ड स्कॉट, 1933), पृ. 94.

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