5 फरवरी : आज के लिए पर्याप्त

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5 फरवरी : आज के लिए पर्याप्त
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“हमारी दिन भर की रोटी हर दिन हमें दिया कर।”  लूका 11:3

यदि सम्पूर्ण इतिहास में रोटी ने किसी एक बात को दर्शाया है, तो वह है दिन भर का पोषण। अन्य भोजन वस्तुएँ निश्चित रूप से हमारे अस्तित्व में सुखद योगदान प्रदान करती हैं, किन्तु जब हम रोटी के बारे में सोचते हैं तो हममें से अधिकांश लोग जीवन की सबसे मौलिक आवश्यकताओं में से एक के पूरा होने के बारे में सोच रहे होते हैं।

इस तरह की सोच परमेश्वर द्वारा अपने लोगों के लिए किए गए अनोखे प्रावधान के समान है। पुराने नियम में इस्राएलियों के मरुभूमि में भटकने के समय उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा किए जाने के लिए परमेश्वर पर पूरी तरह निर्भर रहना होता था। इस बात को सीखने का सबसे ठोस तरीका था, स्वर्ग से मिलने वाले मन्ना के रूप में परमेश्वर का प्रावधान।

परमेश्वर ने अपने लोगों को यह स्पष्ट कर दिया था कि प्रतिदिन वह केवल एक दिन के लिए ही पर्याप्त मन्ना देगा। उन्हें अगला दिन होने तक उसमें से कुछ भी बचाकर नहीं रखना था (निर्गमन 16:19)। एक बार में एक दिन की रोटी देने में उसका उद्देश्य था, अपने लोगों को उसके प्रावधान पर भरोसा करना सिखाना। दुख की बात है कि कुछ इस्राएलियों को सन्देह था कि वह जो प्रतिज्ञा कर रहा था, वह उसे पूरा करेगा भी या नहीं। उन्होंने उसकी अवज्ञा की और कुछ मन्ना अगले दिन के लिए रख छोड़ा (क्योंकि परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर सन्देह करना सदैव परमेश्वर की आज्ञाओं की अवज्ञा करने की ओर ले जाता है)। जब वे सबेरे उठे तो बदबूदार, कीड़ों से भरा हुआ मन्ना उनके सामने था (पद 20)। परमेश्वर उन्हें सिखा रहा था कि वे अपने प्रावधान के लिए उस पर भरोसा करें। यह एक ऐसी सीख थी, जिसे सीखने में उन्हें बहुत समय लगने वाला था।

जब हम पुराने नियम के इस उदाहरण के प्रकाश में इन शब्दों पर विचार करते हैं कि “हमारी दिन भर की रोटी हर दिन हमें दिया कर,” तो हम महसूस करते हैं कि प्रभु की प्रार्थना की इस पंक्ति में यीशु एक अनन्त वास्तविकता पर जोर दे रहा है: हर युग में परमेश्वर अपने लोगों को सिखाता है कि वे केवल प्रावधान पर भरोसा न रखें, क्योंकि ऐसा होने पर वे अधिक से अधिक पाने की लालसा करते रहेंगे, इसके विपरीत वह चाहता है कि हम प्रावधान करने वाले  पर भरोसा रखें, जो हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करता है।

परमेश्वर चाहता है कि हम जागें और उसके दैनिक प्रावधान को नए सिरे से प्राप्त करें। यही कारण है कि उसने इस्राएलियों को भावी पीढ़ी के लिए थोड़ा सा मन्ना रखने की आज्ञा दी और कहा कि “इसमें से ओमेर भर अपने वंश की पीढ़ी-पीढ़ी के लिए रख छोड़ो, जिससे वे जानें कि यहोवा हमको मिस्र देश से निकालकर जंगल में कैसी रोटी खिलाता था” (निर्गमन 16:32)। इस निर्देश का पालन करते हुए एक पीढ़ी अगली पीढ़ी से उसके निरन्तर मिलने वाले दैनिक प्रावधान की वास्तविकता और चमत्कार के बारे में बात कर सकती है।

वह पिता, जिसे हम यीशु के द्वारा जानते हैं, हमारी व्यक्तिगत, व्यावहारिक और भौतिक आवश्यकताओं की चिन्ता करता है। हो सकता है कि आज सबेरे जब आप उठे हों, तो अपने जीवन में चल रही समस्याओं से घिरे हुए या आने वाली घटनाओं के बारे में चिन्तित महसूस कर रहे हों। इस बात को याद रखें कि परमेश्वर आपसे व्यक्तिगत रीति से लगाव रखता है, और आप विश्वास के साथ उसके पास जा सकते हैं और उससे कह सकते हैं कि वह आपके आज के लिए सभी आवश्यक वस्तुएँ आपको दे। और फिर आप उस पर भरोसा कर सकते हैं कि वह आपको आज, और फिर कल, और सदा तक वह सब प्रदान करेगा जिसकी आपको आवश्यकता होगी। आप अपनी चिन्ताओं का पूरा भार उस पर डाल सकते हैं, क्योंकि वह आपकी चिन्ता करता है और आपके लिए प्रावधान करता है (1 पतरस 5:7)।

     निर्गमन 16

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